Cauliflower

फूलगोबी

अपेक्षा

अपेक्षित उपज

80-100 क्विंटल प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 100-120 दिन

अपेक्षित खर्चा (रुपये)

45,000

अपेक्षित लाभ (रुपये)

81,000

जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु
  • फूल के निर्माण के समय भारी बारिश, बादल का मौसम हानिकारक होता है क्योंकि यह फूल की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
तापमान
  • उच्च तापमान से फूल में पीलापन होता है।
  • 15-21°C तापमान फूलगोबी का अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए अनुकूल है।
फसल में पानी की आवश्यकता
  • फूलगोबी की फसल को 350-500 मिमी वर्षा के बराबर पानी की जरुरत होती है।

मिट्टी

प्रकार
  • रेतीली दोमट से लेके चिकनी मिट्टी फूलगोबी के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
सामू
  • आवश्यक पी.एच. मान: 5.5- 6.5
  • मिट्टी का पीएच  8 से ज्यादा है तो, फसल में विभन्न रोगोंका कारण बनती हैं।
  • पीएच मान 5.5 से कम होने पर मिट्टी में चूना डाले।  
  • पीएच मान 6.5 से ज़्यादा  होने पर मिट्टी में जिप्सम डाले।

रोपाई की सामग्री

बसंत-956
कालावधी
55-60 दिन
विशेष लक्षण
प्रारंभिक परिपक्वता। उच्च तापमान पर अच्छी उपज
मौसम
खरीफ
उपज
8
रिमझिम
कालावधी
55-65 दिन
विशेष लक्षण
उच्च आर्द्रता और तापमान पर अच्छी उपज
मौसम
खरीफ
उपज
9
सी एफ एल-1522
कालावधी
75 दिन
विशेष लक्षण
अच्छी गुणवत्ता व सफेद गोबी
मौसम
गर्मी
उपज
12
टेट्रिस
कालावधी
70 दिन
विशेष लक्षण
लंबी दूरी के परिवहन के लिए उपयुक्त
मौसम
रब्बी
उपज
12

नर्सरी की तैयारी

नर्सरी की तैयारी

विधि-1

  • 100 वर्ग मीटर नर्सरी क्षेत्र, एक एकड़ भूमि क्षेत्र बुआई के लिए पर्याप्त है।
  • 3 मीटर लंबी और 0.6 मीटर चौड़ाई और 10- 15 सेमी की ऊंचाई वाली क्यारियाँ तैयार करें।
  • दो कैरियोंमें में 60 सेमी की दुरी रखें।
  • बीज 10 सेमी के अंतराल व 10 सेमी की गहराई पर उठाए हुए क्यारियोंपर बोए व मिट्टी से ढक दे। उसके पश्चात् क्यारियोंको हल्कासा पानी दें।
  • इसके बाद आवश्यक तापमान और नमी बनाए रखने के लिए क्यारियोंको को सूखे भूसे, घास या गन्ने की पत्ती से ढक देना चाहिए।
  • बीज अंकुरण होने तक आवश्यकतानुसार पानी देनेवाली कैन से पानी दें।
  • पौधे सख्त बनाने के लिए प्रत्यारोपण से 10 दिन पहले क्यारियों में पानी की मात्रा कम करें और प्रत्यारोपण से एक दिन पहले हल्की सिंचाई करें।
  • बीज अंकुरण के 3 दिनों के बाद पौधोंको कमरतोड़ रोग से बचने के लिए रिडोमिल 15-20 ग्राम 10 लीटर पानी में मिलाके क्यारियोंको भीगा दे। 

विधि-2

  • हर एक प्रोट्रे में 1.2 किलो के बराबर कोकोपीट भरे। 
  • प्रोट्रे में उपचारित बीज एक खाने में 1 बीज के दर से बोएं। 
  • 6 दिनों के बाद, अंकुरित बीजों के साथ प्रोट्रे को एक शेडनेट के अंदर उठाए गए बेड पर व्यक्तिगत रूप से रखें।
  • बीज को कोकोपीट से ढक दें और अंकुरण शुरू होने तक (5 दिन) ट्रे को एक के ऊपर एक रखें और पॉलीथीन शीट से ढंक दें।
  • 6 दिनों के बाद, अंकुरित बीज वाले हर एक प्रो ट्रे को शेडनेट के अंदर उभरी हुई ऊँची क्यारीयों में रखें।
नर्सरी कालावधी
  • अवधि-  40 दिन
  • 3-4 पत्तियाँ दिखाई देने और तना मोटा हो जाने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं।
नर्सरी के लिए औसत बीज
किस्म
1 एकड़ क्षेत्र में रोपाई के लिए 180-200 ग्राम बीज
हाइब्रिड
1 एकड़ क्षेत्र में रोपाई के लिए 100 ग्राम बीज

बीज उपचार

  •  इमिडाक्लोप्रिड- 4 मि.ली.

सूचना- एक किलो बीज के लिए उपरोक्त मात्रा 2 लीटर पानी में मिलाएं। बीज को 10 मिनट के लिए घोल में डुबोएं और फिर 15 मिनट तक छाया में सुखाएं।

  •     कार्बेन्डाजिम- 2 ग्राम

सूचना- ऊपरके उपचारित बीजों को फिर से 1 किलो बीज के लिए कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम से उपचारित करें। इसे बीज की सतह पर रगड़कर लगाएं।

खेत की तैयारी(मुख्य खेती )

खेत की तैयारी
  • जुताई की विधि – मिट्टी के प्रकार के आधार पर भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  • खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित अपघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें –
    1.  गोबर खाद – 2 टन
    2.  कम्पोस्ट बेक्टेरिया – 3 किलो
  • उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह  बन जाए।
क्यारी की तैयारी
  • क्यारियोंकी तैयारी – ट्रेक्टर की सहायता से 60 सेमी चौड़ाई व 30 सेमी ऊंचाई की कैरियाँ 10 सेमी अंतर से तैयार करें।

दूरी और पौधों की संख्या

किस्में
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
1.9 फुट
पौधे से पौधा (फूट)
1.5 फुट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
14800
हायब्रिड
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
1.5 फुट
पौधे से पौधा (फूट)
1.5 फुट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
19750

जड़ों को डुबोने की प्रक्रिया

  • समतल कंटेनर में 20 लीटर पानी लें।
  • 40 ग्राम कार्बेन्डाजिम + 40 मिली इमिडाक्लोप्रिड पानी में मिलाये। 
  • जडोंको रोपाई से पहले ऊपरी मिश्रण में 5 मिनट के लिए डुबोये।
  •  ट्रे की पौधोंके लिए, पूरी ट्रे ऊपरी द्रवणमें 5 मिनट के लिए डुबोकर रखे।

 

प्रत्यारोपण

  • पौधोंको 45 सेमी की दुरी पर मेढोंपे लगाए।

पोषक तत्व प्रबंधन

  • कुल पोषक तत्व की आवश्यकता: 60:30:30 किलो एन:पी:के/एकड़
  • रोपाई के समय (प्रति एकड़)-
  • यूरिया- 64 किलो
  • सिंगल सुपर फॉस्फेट- 184 किलो
  • म्यूरेट ऑफ़ पोटाश- 50 किलो
  • रोपाई के 30 दिन बाद
  • यूरिया- 64 किलो

सिंचाई

  • ड्रिप- एक दिन के अंतराल
  • बाढ़ सिंचाई- 8-10 दिनों का अंतराल

अंतर खेती कार्य

खरपतवार प्रबंधन

 

  • उपार्जन: आबादी और एकसमान वृद्धि को बनाए रखने के लिए रोपण के 10 दिनों के बाद।

प्रत्यारोपण के 3 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
ओक्सीफ्लूरोफेन या पेंडीमिथॅलीन या आइसोप्रोटुरोन
शाकनाशी मात्रा
100 मिली/एकड़ 400 मिली/एकड़ 200 मिली/एकड़
रोपाई के बाद
विधि
छिडकाव करे
शाकनाशी का नाम
अलाक्लोर या आइसोप्रोटुरोन
शाकनाशी मात्रा
500 ग्राम/एकड़ 1 किलो/एकड़

किड और रोग प्रबंधन

आद्रगलन रोग
लक्षण
पौधों का कमजोर होना और सुख जाना।
फसल निविष्ट Quantity
मेटॅलिक्सिल
250.0 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
एकसाथ जड़ोके पास पानी में डालिये

किड और रोग प्रबंधन

फूल गोभी पर आनेवाला कीड़ा
लक्षण
डायमंड बैकमॉथ ⎯ अली पत्तियों को खाती है और काटने के छेद बनाती है, जिससे अत्यधिक पतझड़ होती है, ज्यादातर बढ़ते हिस्से पर ही होता है। पत्तिया मुड़ जाती है, पौधे में पीलापन होता है।
फसल निविष्ट Quantity
लेम्बडा- सायहॅलोथ्रीन
200 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

किड और रोग प्रबंधन

ब्राउनिंग
लक्षण
ब्राउनिंग ⎯ फूलगोभी में ब्राउनिंग एक आम समस्या है। इसमें तना खोखला हो जाता है और गोभी भूरा हो जाता है। प्रभावित गोबी एक कड़वा स्वाद विकसित करते हैं। बोरॉन की कमी के कारण ब्राउनिंग होता है।
फसल निविष्ट Quantity
बोरॅक्स
500 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

किड और रोग प्रबंधन

व्हीपटेल
लक्षण
व्हीपटेल ⎯ इस हालत में, पत्ती के ब्लेड ठीक से विकसित नहीं होते हैं और पट्टे जैसे बन जाते हैं। बढ़ती अवस्था में गंभीर रूप से विकृत किया जाता है और कोई बिक्री के योग्य गोबी नहीं बनता है। फूलगोभी में यह स्थिति मोलिब्डेनम की कमी के कारण होती है जो 4 -5 पीएच से नीचे अम्लीय मिट्टी में होती है।
फसल निविष्ट Quantity
सोडियम मॉलीब्डेट
1 किलो प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

किड और रोग प्रबंधन

पत्ति धब्बा
लक्षण
पत्तियों पर सफेद या ग्रे केंद्र के साथ अनियमित भूरे धब्बे आ जाते है। क्लोरोटिक लेसन, कोणीय से अनियमित आकार , बाद में स्पॉट के केंद्र धब्बेदार-भूरे रंग के साथ विपुल स्पोरुलेशन में बदल जाते हैं। गंभीर रूप से संक्रमित पत्तियां समय से पहले ही गिर जाती हैं, जिससे फल की पैदावार कम हो जाती है।
फसल निविष्ट Quantity
मॅंकोझेब
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

किड और रोग प्रबंधन

जडोंकी समस्या
लक्षण
गोभी के खेत में पौधों का विल्टिंग और पीलापन होता है। पौधे की जड़ों पर गाठें आती है।
फसल निविष्ट Quantity
कार्बेन्डाझिम
250 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
एकसाथ जड़ोके पास पानी में डालिये

किड और रोग प्रबंधन

रसशोषक किडी
लक्षण
पत्तिया मुड़ जाती है, पौधे में पीलापन होता है।
फसल निविष्ट Quantity
थायोमीथाक्साम
100 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
70 से 80 दिनों के बाद

उपज

उपज
कुल फसल की मात्रा
80-100 क्विंटल प्रति एकड़

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