टमाटर में फल छेदक को नियंत्रित कर गुणवत्तायुक्त उत्पादन पाएं

टमाटर में फल छेदक को नियंत्रित करने के उपाय

🔰 किसान दोस्तों, आज हम आपको टमाटर की फसल में लगने वाले एक बहुभक्षी कीट के बारे में बताने जा रहे है।इसके साथ ही हम आपको 🍅 टमाटर में लगने वाले इस फल छेदक कीट का नियंत्रण करने का तरीका भी बताने वाले है। 

👩‍🌾 किसान भाइयों टमाटर की फसल में अक्सर कई रोग एवं कीट का हमला होता है। जिससे कई बार आपकी फसल भी ख़राब हो जाती है। इसके वजह से आपका काफी नुकसान भी होता है। 

टमाटर में लगने वाले रोग एवं कीट के कारण अक्सर किसानों का भारी नुकसान होता है। 

टमाटर की फसल को रोग एवं कीटों का हमला न हो इसलिए 👩‍🌾 किसान भाई अनगिनत प्रयास करते रहते है। लेकिन, फिर भी टमाटर में ऐसे रोग एवं कीट है जो फसल को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।

 

फल छेदक कीट टमाटर को भारी नुकसान पहुंचाता है। 

इस कीट का लार्वा हरे रंग का होता है। 👉 प्रौढ़ कीट भूरे रंग के होते हैं। लार्वा फसल को सबसे अधिक क्षति पहुंचाते हैं।

🍅 टमाटर में फूल आने से पहले यह सुंडी कोमल शाखाओं, पत्तियों को खाती है, जिसके कारण फसल की पत्तियों में छेद दिखाई देते है। 

🌱 टमाटर लगने के बाद सुंडी फल में गोल छेद बनाकर अपने शरीर का आधा भाग अंदर घुसाकर फल का गूदा खाती है जिस कारण फल सड़ जाता है।😱

👉🏻 किसान भाइयों यदि आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे ⬆️ अपवोट करें और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें।👍

🍅 टमाटर के अलावा फल छेदक कीट का प्रकोप चना, मटर, फ्रासबीन, भिंडी व गोभी में अधिक देखा गया है। 

इसलिए किसानों भाइयों के लिए यह आवश्यक है, कि वह इस कीट के बारे में पूर्ण जानकारी रखें, ताकि उचित समय पर इस कीट की रोकथाम के लिये पग उठा सकें।

🛡️ आइयें जानते है फल छेदक कीट के बारे में कुछ खास बातें 👇
🔹 जीवन चक्र – फली छेदक कीट की मादा पंतगा पौधे के नाजुक हिस्सों पत्तियों और फूल पर एक-एक करके चमकीले, मलाई के रंग के 700 से 1000 तक अण्डे देती है। यह अण्डे 4 से 5 दिन में फूटते हैं, जिससे इल्लियां निकलती हैं। 

यह इल्लियां लगभग 20 दिन में पूर्णतया विकसित होती हैं। उसके बाद लगभग 10 से 12 दिन तक कृमिकोष (प्यूपा) के रूप में जमीन के नीचे या अन्य घास की पत्तियों में पड़ी रहने के बाद पतंगा या व्यस्क बनकर बाहर निकलती हैं।

🔸 क्षति या नुकसान – फल छेदक कीट का प्रकोप फसल की प्रारम्भिक अवस्था से ही शुरू हो जाता है। फल छेदक कीट पहले पौधे के नरम भागों को और बाद में फल एवं बीज बनने पर उन्हें नष्ट करती है। 

यह इल्लियां अपना सिर फल या फली के अन्दर घुसा देती है। जबकि शरीर का शेष भाग फली के बाहर बना रहता है।

✅ आइयें अब हम जानते है कि आखिर कैसे करें टमाटर में लगने वाले फल छेदक कीट का नियंत्रण ✌️

  1. टमाटर के फसल को बचाने के लिए उसके साथ ट्रैप फसल के रुप मे अफ्रीकन गेंदा लगाना चाहिए।
  2. फल बेधक के निगरानी के लिए फेरोमोंन जाल 4 नग प्रति एकड़ लगाये।
  3. वयस्क कीटों को आकर्षित करने के लिए प्रकाश जाल 1 प्रति एकड़ लगाये।
  4. कीटभक्षी पक्षियों को आमत्रित करने के लिए 20 – 25 T आकर के ट्रैप प्रति एकड़ स्थापित करें।
  5. नीम तेल 10000 पीपीएम @ 400-600 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ मिलाकर छिड़काव करें।
  6. बैसिलस थुरिंजिनिसिस (बैसि थ्रो आनंद एग्रो केयर) @ 400-600 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ मिलाकर छिड़काव करें।
  7. क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% एससी (धानुका कवर) @ 60 मिली या लैम्ब्डा-साइहलोथ्रिन 5% ईसी (धानुका देवा शक्ति) @ 120 मिली 200 लीटर पानी के साथ प्रति एकड़ छिड़काव करें।

👉🏻 किसान भाइयों यदि टमाटर में लगने वाले फल छेदक कीट के बारे में बताई गई यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे ⬆️ अपवोट करें और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें।👍

🔻 नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके भारतअ‍ॅग्री ॲप डाउनलोड ⏬ करें और अपने खेत को भारतअ‍ॅग्री से जोड़कर 🤝🏼 आज ही स्मार्ट किसान बनें!👍

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *