Paddy

चावल

अपेक्षा

अपेक्षित उपज

12-16 क्विंटल प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 160 दिन

अपेक्षित खर्चा (रुपये)

14,915

अपेक्षित लाभ (रुपये)

24,000

जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु
  • इस फसल को गर्म और नम जलवायु की आवश्यकता होती है और यह लंबे समय तक धूप और पर्याप्त पानी के साथ क्षेत्र के लिए अनुकूल होता है।
  • चावल के लिए 65 से 75% से अधिक नमी अच्छी होती है।
तापमान
  • चावल की फसल को औसत 21 से 35 ° C तापमान की आवश्यकता होती है 
  • यह अधिकतम 40 से 42 °C तापमान सहन कर सकता है।
  • यह देखा गया है कि खेती की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में जैसे की अंकुरण (10°C), पुष्पन (23°C), फूल खिलना (26-29°C), दाना बनने के लिए (21°C) और पकने के लिए (20-25 °C) एक अलग तापमान सीमा होती है। 
फसल में पानी की आवश्यकता
  • चावल की अधिक उपज और गुणवत्ता के लिए आने वाले मौसम के दौरान पर्याप्त और अच्छी तरह से वर्षा होने की आवश्यकता होती है। 
  • 800 मिमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में चावल उगाए जाते हैं। 

मिट्टी

प्रकार
  • सभी प्रकार की मिट्टी और मध्यम नमक सहिष्णु।
  • एसआरआई  – नमकीन या क्षारीय मिट्टी एसआरआई पद्धति की खेती के लिए उपयुक्त नहीं है।
सामू
  • इसे अम्लीय से थोड़ा क्षारीय तक के पीएच स्तर में उगाया जा सकता है।
  • आवश्यक स्तर – 5.0 से 8.0
  • यदि पीएच < 5.0 है तो चूना डालें
  • यदि पीएच > 8.0 है तो जिप्सम डालें

रोपाई की सामग्री

इंद्रायणी
कालावधी
135-140 दिन
विशेष लक्षण
लंबे और पतले दाने
उपज
16-18 क्विंटल प्रति एकड़
फुले मावल
कालावधी
125-130 दिन
विशेष लक्षण
लंबे और मोटे, चौड़े दाने
उपज
18-20 क्विंटल प्रति एकड़
सुगंधा
कालावधी
110-115 दिन
विशेष लक्षण
लंबे दाने, अच्छी खुशबु
उपज
16-18 क्विंटल प्रति एकड़
सह्याद्री-1
कालावधी
130-135 दिन
विशेष लक्षण
लंबे और पतले दानों के साथ उच्च उपज देने वाली हाइब्रिड किस्म
उपज
26-28 क्विंटल प्रति एकड़

नर्सरी की तैयारी

नर्सरी की तैयारी
  • 1 एकड़ क्षेत्र में रोपाई के लिए, 0.1 एकड़ (4 गुंठा) नर्सरी की आवश्यकता होती है।
  • 1.25 मीटर चौड़ाई 10 सेमी ऊंचाई और उचित लंबाई के साथ ऊँची क्यारियाँ तैयार करें।
  • रोपण से पहले 250 किलो गोबर खाद, 1 किग्रा यूरिया डालेंं।
  • नर्सरी बुवाई के लिए बीज अंकुरण: धान के बीज 12 घंटे तक भिगोकर रखें। भिगोकर रखे हुए बीज एक बोरी में डालें या इकट्ठा करके इसे कपड़े से ढक दें। उन्हें 24 घंटे तक वैसे ही  छोड़ दें। इस समय बीज अंकुरित होते है। आप बीज से निकलने वाली सफेद जड़ या मूलांकुर का निरीक्षण कर सकते हैं नर्सरी क्यारियाँ पर बुवाई के लिए इस बीज का उपयोग किया जाता है। यदि बुवाई में देरी हो जाए, तो अधिक जड़ें उग आती हैं और बीज को अधिक दुरी में बोना मुश्किल हो जाता है।
नर्सरी कालावधी
  • कालावधी – 30-40 दिन  
नर्सरी के लिए औसत बीज
बड़े बीजवाले किस्म
22 किलो/एकड़
छोटे बीजवाली किस्म
16 किलो/एकड़
हायब्रिड
8 किग्रा प्रति एकड़

बीज उपचार

बीज को उपचारित करें  

  • क्लोरपाइरीफोस- 4 मिली 

सूचना- एक किलो बीज के लिए उपरोक्त मात्रा 2 लीटर पानी में मिलाएं। बीज को 10 मिनट के लिए घोल में डुबोएं और फिर 15 मिनट तक छाया में सुखाएं।

  • कार्बेन्डाजिम – 2 ग्राम 

निर्देश – उपचारित बीज को फिर से कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम के लिए 1 किग्रा बीज के साथ से उपचारित करें। इसे बीज की सतह पर रगड़कर बीज पर लगाएं।

खेत की तैयारी(मुख्य खेती )

खेत की तैयारी
  1. जुताई की विधि – मिट्टी के प्रकार के आधार पर  भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  2.  खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित अपघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें – 
    1. गोबर खाद – 2 टन 
    2. कम्पोस्ट बेक्टेरिया – 2 किलो 
  3. उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह  बन जाए।

दूरी और पौधों की संख्या

किस्में
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
0.6 फीट
पौधे से पौधा (फूट)
0.4 फीट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
1,83,333
हायब्रिड
पंक्ति से पंक्ति
0.6 फीट
पौधे से पौधा
0.6 फीट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
1,22,222

प्रत्यारोपण

  • 30 से 40 दिन पुरानी पौधों से प्रत्यारोपण किया जाता है।
  • पौधे की ऊंचाई 12 से 15 सेमी होनी चाहिए।
  • एक गड्ढे में दो पौधों को लगाए और हायब्रिड के लिए एक गड्ढे में एक पौधा लगाए।

पोषक तत्व प्रबंधन

  • नॉन- हाइब्रिड चावल की किस्मों के लिए  कुल आवश्यकता: 100:50:50 किलो एन:पी:के प्रति एकड़ 
  • बुवाई के समय लागू करें -109 किलो यूरिया+312 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट + 83 किलो म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश
  • बुवाई के 30 दिनों के बाद  54.5 किलो यूरिया 
  • बुवाई के 60 दिनों के बाद  54.5 किलो यूरिया
  • हाइब्रिड चावल की किस्मों के लिए
  • कुल आवश्यकता: 120:50:50 किलो एन:पी:के प्रति एकड़   
  • बुवाई के समय लागू करें -130 किलो यूरिया+312 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट + 83 किलो म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश
  • बुवाई के 30 दिनों के बाद-  65 किलो यूरिया 
  • बुवाई के 60 दिनों के बाद – 65 किलो यूरिया 

सिंचाई

  • बाढ़ सिंचाई – वानस्पतिक विकास के दौरान जलभराव की स्थिति को बनाए रखें।

अंतर खेती कार्य

  • विरलन और अंतर भरण के लिए
  • बुवाई के 10-12 दिनों के बाद
  • अंतर भरण : जहाँ अंकुरित पौधे अंकुरित नहीं होते हैं ऐसी जगह अंतर भरण  करना चाहिए।
  • खरपतवार प्रबंधन 
  • प्रत्यारोपण के बाद खरपतवार की वृद्धि को कम करने के लिए पानी का स्तर 5 से 6 सेमी बनाए रखें।

खरपतवार प्रबंधन

रोपाई के 3-5 दिन बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
अट्राज़ीने (100 ग्राम प्रति एकड़) या पेंडीमेथलीन (300 ग्राम प्रति एकड़)
रोपाई के 45 दिन बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
2,4,D (400 ग्राम प्रति एकड़)

वृद्धी नियामक

  1.  प्रत्यारोपण के 50 दिनों के बाद उपज को बढ़ाने के लिए 1किलो झिंक सल्फेट + 400 मिली बोरिक एसिड प्रति एकड़ का छिड़काव करें।
  2. उच्च उपज के लिए बेसल खुराक के साथ सिलिकॉन मिलाएं। 

किड और रोग प्रबंधन

फुलकिडे
लक्षण
पत्तों पर चांदी के रंग के दाग दिखते हैं ।
फसल सामग्री मात्रा
डायमेथोएट
250 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
पिटिका मशकाभ
लक्षण
कीड़े पेड़ के बढ़ने वाले तने खाते है। पत्तो के कोने पर भूरे रंग के अंडे नजर आते है। पौधों के ताने सुख जाते है। पत्ते पिले हो जाते है, पहले कोने से शुरवात होती हे और फिर पुरे पत्ते पर पीला रंग नजर अत है। संक्रमित टिलर कोई पुष्पगुच्छ पैदा नहीं करते।
फसल सामग्री मात्रा
क्लोरपायरीफॉस
40 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
रोपाई से पहले जड़े मिश्रण में डुबाए
भूरी चित्ति रोग
लक्षण
पत्तों पे और चावल के दानों पर दाग आ जाते हैं।
फसल सामग्री मात्रा
ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
प्रति किलो बिजो के हिसाब से मिश्रण करे
झोंका रोग / प्रध्वंस रोग
लक्षण
पूरा पौधा जलने जैसा दीखता है।
फसल सामग्री मात्रा
कार्बेन्डाझिम
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
तना छेदक
लक्षण
डेढ हार्ट - पेड़ की मुख्य टहनी सूखती हैं।
फसल सामग्री मात्रा
थायोमीथाक्साम
100 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
110 से 140 दिनों के बाद।
कटाई का वक्त
दाने का रंग हरे से सुनहरे में बदल जाता है और दाने का छिलका कठोर बनता है।
कटाई
हँसिया के मदद से पौधों की जमीन के स्तर पर कटाई की जाती है।

उपज

उपज
नॉन-हाइब्रिड
12-16 क्विंटल प्रति एकड़
हाइब्रिड
25 क्विंटल प्रति एकड़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *