Coriander

धनिया

अपेक्षा

अपेक्षित उपज

6000 गुच्छा प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 35-40 दिन

अपेक्षित खर्चा (रुपये)

12,384

अपेक्षित लाभ (रुपये)

30,000

जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु
  • ठंडे और शुष्क मौसम में अच्छी वृद्धी होती है।
  • यह पाला सहन नहीं कर सकता है।
तापमान
  • 20-30 डिग्री सेल्सियस के तापमान सीमा में धनिया अच्छी तरह से उगता है।
  • उच्च तापमान से अंकुरण प्रतिशत और वनस्पति विकास कम होता है।
फसल में पानी की आवश्यकता
  • पानी की आवश्यकता- 75-100 मिमी बारिश के बराबर।
  • बीज अंकुरने के बाद खेत में पानी का रुकाव नहीं होना चाहिए।

मिट्टी

प्रकार
  • यह सिंचित स्थिति में जैविक पदार्थो की अच्छी मात्रा के साथ सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है।
  • पानी की अच्छी निकासी वाली सिल्टी मिट्टी या दोमट मिट्टी में अच्छी वृद्धी होती है।
  • क्षारीय, रेतीली और हल्की मिट्टी धनिया के लिए उपयुक्त नहीं है।
सामू
  • आवश्यक सीमा – 6-8
  • यदि पीएच < 6.0 है तो चूना डालें।
  • यदि पीएच > 8.0 है तो जिप्सम डालें।

रोपाई की सामग्री

कोकण कस्तूरी
कालावधी
35-40 दिन
विशेष लक्षण
अच्छी खुशबू, चौड़ी पत्तियां, 30-40 सेमी ऊंचाई
मौसम
रबी
उपज
36 क्विंटल प्रति एकड़
अर्का ईशा
कालावधी
70 दिन
विशेष लक्षण
विटामिन सी (167 मिलीग्राम / 100 ग्राम एफ डब्लू) से भरपूर,बहु छटाई का प्रकार, झाड़ियों वाले पौधे, अच्छी सुगंध के साथ, चौड़ी पत्तियां, अच्छी गुणवत्ता रखते है (21 दिनों के तहत प्रशीतन में रख सकते है)।
मौसम
रबी
उपज
12 क्विंटल प्रति एकड़
नर्सरी के लिए औसत बीज
किस्म
4 - 4.8 किलो प्रति एकड़ (सिंचित फ़सल)

बीज उपचार

  • उचित अंकुरण के लिए बुवाई से पहले बीज को 12 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें।
  • बीज को  इनके साथ उपचारित करें।   

              कॉपर ऑक्सीक्लोराइड – 2 ग्राम 

              इमिडाक्लोप्रिड- 2 मि.ली.

निर्देश – एक किलो बीज के लिए उपरोक्त मात्रा मिलाएं। उपरोक्त सभी सामग्री एक कंटेनर में डालें और तब तक मिलाएं जब तक बीज इस पाउडरी सामग्री से लेपित हो जाए।

खेत की तैयारी (मुख्य खेती )

खेत की तैयारी
  1. जुताई विधि – मिट्टी के प्रकार के आधार पर  भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  2. खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित विघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें – 

               गोबर खाद – 2 टन 

               कम्पोस्ट बेक्टेरिया – 2 किलो 

           3. उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह बन जाए।

क्यारी की तैयारी
  1. क्यारीयों की तैयारी- ट्रैक्टर की मदद से सुविधाजनक लंबाई और ऊंचाई वाली क्यारियाँ बनाएँ। फिर एक कोने में बीज के बहाव को रोकने के लिए छोटे बाँध बनाएँ।

बुवाई

  • क्यारियों पर समान रूप से बीज डालें।
  • लगभग 8-15 दिनों में बीज अंकुरित हो जाएंगे।

पोषक तत्व प्रबंधन

  • कुल आवश्यकता-  8:16:8 एन:पी:के किलो/एकड़ 
  • बुवाई के समय लागू करें – 

                यूरिया- 9 किलो

                सिंगल सुपर फॉस्फेट – 98 किलो

                म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश – 13 किलो

  • बुवाई के 30 दिनों के बाद-

                यूरिया- 9 किलो

सिंचाई

  • स्प्रिंकलर- प्रतिदिन 
  • बाढ़ सिंचाई- हफ्ते में एक बार (मिट्टी के प्रकार पर आधारित)
  •  बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई दूसरी सिंचाई तीसरे दिन

अंतर खेती कार्य

  • विरलन – बुवाई के 20-25 दिनों के बाद पौधों में विरलन किया जाता है और निकाले गए अंकुरित पौधों को हरी सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • विशेष अभ्यास – लगभग 4 इंच की ऊंचाई पर एक छाटनी करने से शाखाएं उगने में सहायता करेगा। 

खरपतवार प्रबंधन

प्रत्यारोपण के 3 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
ओक्सीफ्लुरोफेन + क्विज़ालोफ़ॉप इथाइल) 500 मि.ली. + 250 मि.ली./एकड़)

वृद्धी नियामक

  • बेहतर विकास और अधिक ऊँचाई के लिए अंकुरण के बाद जल्द ही जिब्बरेलिक एसिड @ 0.5 मि.ली./लीटर पानी का छिड़काव करें।

किड और रोग प्रबंधन

बीज से होनेवाले रोग
लक्षण
कम अंकुरण या कुछ स्थितियों में अंकुरण बंद हो जाता हैं।
फसल सामग्री मात्रा
कार्बेन्डाझिम
120 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
बीजप्रक्रिया
कवक रोग
लक्षण
प्रभावित पत्तियां छोटे, गहरे भूरे रंग के धब्बे विकसित करती हैं जो अक्सर आकार में बढ़ते हैं, और जो अंततः पत्तियों को मारते हैंl
फसल सामग्री मात्रा
मॅंकोझेब
100 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करेl
म्लानि रोग, रूट रॉट
लक्षण
फसल की वृद्धि कम होना, क्षतिग्रस्त जड़ें, पौधों का सुखना
फसल सामग्री मात्रा
कॉपर ऑक्सिक्लोराईड
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
एकसाथ जड़ोके पास पानी में डालियेl
माहो
लक्षण
पेड़ पर छोटे काळा रंग के कीड़े आ जाते है। पौधे को चूसें और पौधों को कमजोर करें।
फसल सामग्री मात्रा
स्पिनोसॅड
100 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl
सफ़ेद चूर्णी रोग
लक्षण
संक्रमित पत्तियों में सफ़ेद से लेकर हल्के भूरे रंग के पाउडर जैसे दाग होते हैं।
फसल सामग्री मात्रा
सल्फर
100 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
35-40 दिन बाद

उपज

उपज
कुल फसल की मात्रा
21-25 क्विंटल/एकड़ (6000 गुच्छा प्रति एकड़)

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