Cabbage

पत्तागोभी

अपेक्षा

अपेक्षित उपज

100-120 क्विंटल प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 90-180 दिन

अपेक्षित खर्चा (रुपये)

55,450

अपेक्षित लाभ (रुपये)

1,10,000

जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु
  • ठंडी और आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह उगती है।
  • गोभी बनने के समय भारी बारिश, बादल छाने का मौसम हानिकारक होता है क्योंकि यह मुख्य उपज और गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
तापमान
  • उच्च तापमान से गोभी के शीर्ष पीले पड़ते हैं।
  • फसल के विकास और गोभीफूल बनने के लिए 15-21°C के बीच का तापमान उचित माना जाता है। 
फसल में पानी की आवश्यकता
  • पानी की आवश्यकता- 350-500 मिमी बारिश के बराबर। 

मिट्टी

प्रकार
  • रेतीली चिकनी से चिकनी मिट्टी।
सामू
  • आवश्यक पीएच मान – 5.5 से 6.5
  • 8 से अधिक पीएच वाली मिट्टी में रोग की संभावना अधिक होती हैं।
  • यदि पीएच < 5.5 है तो चूना डालें।
  • यदि पीएच > 6.5 है तो जिप्सम डालें।

रोपाई की सामग्री

गोल्डन एकर
कालावधी
60-65 दिन
विशेष लक्षण
सुधारित किस्म, जल्दी तैयार होने वाली छोटे गोल फल वाली किस्म, पत्तियों का रंग बाहर से हल्का हरा और अंदर से गहरा हरा होता है
मौसम
रबी
उपज
72-88 क्विंटल प्रति एकड़
प्राइड ऑफ़ इंडिया
कालावधी
70-80 दिन
विशेष लक्षण
जल्दी पकनेवाली किस्म मध्यम-लम्बे गोभी शीर्ष जिनका वजन 1-1.5 किग्रा होता है।
मौसम
रबी
उपज
72-100 क्विंटल प्रति एकड़
सप्टेंबर अर्ली
कालावधी
105-110 दिन
विशेष लक्षण
मध्य मौसम की किस्म, नीलगिरी पर्वतों में लोकप्रिय है, गोभी शीर्ष सघन, लंबाकार नीले-हरे पत्ते होते हैं, जिसका वजन 4-6 किग्रा होता है।
मौसम
रबी
उपज
144-180 क्विंटल प्रति एकड़
पूसा ड्रमहेड
कालावधी
100-110 दिन
विशेष लक्षण
देर से पकनेवाली किस्म। गोभी शीर्ष बड़े,चपटे, थोडे से ढीले और ड्रम के आकार के होते हैं। हर गोभी शीर्ष का वजन 3-5 किलो है। बाहरी पत्तियां हल्के हरे रंग की होती है और उन पर उभरी हुई मध्य शिरा होती है। अच्छी फ़सल के लिए लंबे समय तक सर्दियों के मौसम की आवश्यकता होती है, ब्लैक लैग रोग के लिए अप्रभावित होती है।
मौसम
रबी
उपज
180-195 क्विंटल प्रति एकड़
लेट लार्ज ड्रम हेड
कालावधी
100-105 दिन
विशेष लक्षण
देरी से पकनेवाली किस्म में सघन शीर्ष होते हैं जो चपटे और समान आकार के होते है।
मौसम
रबी
उपज
70-108 क्विंटल प्रति एकड़

नर्सरी की तैयारी

नर्सरी की तैयारी
  • विधि -1
    • फसल उगाने के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 100 स्क्वे.मि. नर्सरी क्षेत्र पर्याप्त है। 
    • 3 मी. लंबी,  0.6 मी. चौड़ाई और 10-15 सेंमी ऊंचाई वाली क्यारियाँ तैयार करें।
    • दो क्यारियों में 60 सेमी की दूरी रखें।
    • क्यारियों में पंक्तियों के बीच 1-2 सेमी गहराई और 10 सेमी दुरी रख कर बीज बोएं और मिट्टी की बारीक परत से ढँक दें, इसके बाद कैन द्वारा थोडा पानी दें।
    • आवश्यक तापमान और नमी बनाए रखने के लिए क्यारियों को सूखी घास या गन्ने के पत्तों से ढँक देना चाहिए।
    • जब तक अंकुरण नहीं हो जाता है, तब तक आवश्यकता अनुसार कैन से पानी देना चाहिए।
    • प्रत्यारोपण के दस दिन पहले ही अंकुरित पौधों को मजबूत बनाने के लिए नर्सरी क्यारियों को पानी देना कम करें।
    • बीज के अंकुरण के 3 दिनों के बाद, अंकुरित पौधों को आर्द्र गलन रोग से बचाने के लिए, 10 लिटर पानी में रिडोमिल @ 15-20 ग्राम मिलाकर क्यारियों को भिगोएं।
    • बुवाई के 25 दिनों के बाद 19:19:19 @ 5 ग्राम  + थायोमेथोक्साम @ 0.25 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें।
  • विधि -2
    • प्रोट्रे को कोकोपीट से 1.2 किलो प्रति ट्रे में भरें। 
    • प्रोट्रे में उपचारित बीजों को एक बीज प्रति सेल ऐसी बुवाई करनी चाहिए।
    • बीज को कोकोपीट से ढँक दें और ट्रे को एक के ऊपर एक रखें और अंकुरण शुरू होने तक पॉलीथीन शीट से ढँक कर रखें (बुवाई के 5 दिन बाद)।
    • 6 दिनों के बाद, प्रोट्रे को अंकुरित बीजों के साथ शेड नेट में अलग रखें।
नर्सरी कालावधी
  • कालावधी – 45 दिन  
  • जब 3-4 पत्तियाँ दिखाई देने पर और तना मोटा हो जाने पर पौधों का प्रत्यारोपण कर सकते हैं।
नर्सरी के लिए औसत बीज
किस्म
240-300 ग्राम/एकड़
हाइब्रिड
100-120 ग्राम/एकड़

बीज उपचार

बीज को  इनके साथ उपचारित करें  

  • इमिडाक्लोप्रिड- 4 मिली 

निर्देश – उपरोक्त मात्रा को एक किलो बीज के लिए दो लीटर पानी में मिलाएं। बीज को 10 मिनट के लिए घोल में डुबोएं और फिर 15 मिनट तक छाया में सुखाएं।

  • कार्बेनडेज़िम- 2 ग्राम 

निर्देश – उपचारित बीज को फिर 1 किलो बीज के लिए 2 ग्राम कार्बेनडेज़िम के साथ उपचारित करें। 

खेत की तैयारी(मुख्य खेती )

खेत की तैयारी
  1. जुताई विधि – मिट्टी के प्रकार के आधार पर भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  2. खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित विघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें – 

               गोबर खाद – 2 टन 

               कम्पोस्ट बेक्टेरिया – 3 किलो

            3. उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह  बन जाए।

क्यारी की तैयारी
  1. क्यारीयों की तैयारी- ट्रैक्टर की मदद से  मेढ़े और लकीरों में 45 फीट की दूरी रखकर क्यारियाँ तैयार करें।

दूरी और पौधों की संख्या

किस्में
पंक्ति से पंक्ति
1.4 फिट
पौधे से पौधा
1 फिट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
31,428

जड़ों को डुबोने की प्रक्रिया

  • समतल बर्तन में 20 ली. पानी लें।
  • 40 ग्राम कार्बेनडेज़िम + 40 मिली  इमिडाक्लोप्रिड मिलाएं। 
  • प्रत्यारोपण से पहले जड़ों को घोल में डुबोएं।
  • प्रोट्रे वाले पौधों के लिए – प्रोट्रे को 5 मिनट के लिए कंटेनर में डुबोएं।

प्रत्यारोपण

  • अंकुरित पौधों को मेड़ पर 30 सेंमी की दूरी पर प्रत्यारोपित करें।

पोषक तत्व प्रबंधन

  • 60:30:30 एन:पी:के किलो/एकड़  
  • बुवाई के समय लागू करें –

               यूरिया- 64 किलो 

               सिंगल सुपर फॉस्फेट- 184 किलो 

               म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश- 50 किलो  

  • प्रत्यारोपण के 30 दिनों के बाद 

               यूरिया- 64 किलो 

सिंचाई

  • ड्रिप -1 दिन के अंतराल पर 
  • बाढ़ सिंचाई- 8-10 दिनों के अंतराल पर

अंतर खेती कार्य

  • खाली जगह भरना- रोपण के 20 दिनों के बाद पौधों की संख्या बढ़ाने और एकसमान वृद्धि को बनाए रखने के लिए। 
  • रोपण के 30 और 45 दिन पर हाथ से बुनाई की जा सकती है।

खरपतवार प्रबंधन

प्रत्यारोपण के 3 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
ओक्सीफ्लुरोफेन (100 मि.ली./एकड़) या पेन्डीमेथालिन (400 मि.ली./एकड़) या आईसोप्रोट्यूरॉन (200 मि.ली./एकड़)
प्रत्यारोपण के 25 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
एलाक्लोर (500 ग्राम/एकड़) या आईसोप्रोट्यूरॉन (1 किग्रा/एकड़)
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl

किड और रोग प्रबंधन

पत्तोपे दिखानेवाला भृंग
लक्षण
ये कीड़े छोटे पत्ते और तानोंको खाते है।
फसल सामग्री मात्रा
बिव्हेरिया बॅसियाना
1 किलो प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl
जडोंकी समस्या
लक्षण
जडों में गांठ हो जाती है। पौधे कमजोर हो जाते हैं, आसानी से बाहर निकाले जा सकते हैं और जड़ों पर नुक्सान दिखता है|
फसल सामग्री मात्रा
ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी
1 किलो प्रति एकड़
रसशोषक किडी
लक्षण
पत्तोंपर या तनोपर छोटे कीड़े नजर आते है। पौधे को चूसें और पौधों को कमजोर करें।
फसल सामग्री मात्रा
पिले स्टिकी ट्रैप्स
10 ट्रैप्स प्रति एकड़
प्रयोग
खेत मे लगायेl
मृदा जनित रोग
लक्षण
फसल की वृद्धि कम होना, क्षतिग्रस्त जड़ें, पौधों का सुखना
फसल सामग्री मात्रा
कार्बेन्डाझिम
40 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
रोपाई से पहले जड़े मिश्रण में डुबाएl
फूल गोभी पर आनेवाला कीड़ा
लक्षण
कीड़े पत्ते खाते हे और पत्तोंपर छोटे छेद करते हे, इस कारण सरे पत्ते ख़राब हो जाते है।
फसल सामग्री मात्रा
इंडोक्साकार्ब + नोवलूरॉन
200 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl
पत्ति धब्बा
लक्षण
पत्तोंपर छोटे भूरे रंग के दाग आते हे, बाद में ये दाग बड़े होकर एक साथ मिल जाते हैं।
फसल सामग्री मात्रा
मॅंकोझेब
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करेl
फूल गोभी पर आनेवाला कीड़ा
लक्षण
फेरोमोन ट्रॅप्स (गंध पाश) प्रौढ कीटकोंको आकर्षित करते हैं।
फसल सामग्री मात्रा
फेरोमोन ट्रॅप्स
5 ट्रॅप्स प्रति एकड़
प्रयोग
खेत मे लगायेl
आद्रगलन रोग
लक्षण
चिपचिपा द्रव्य उगलता है जिस कारण काले रंग का कुकुरमत्ता तयार होता है।
फसल सामग्री मात्रा
मेटॅलिक्सिल
250 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करें और ड्रिप के माध्यम से डालेंl

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
प्रत्यारोपण के 70-75 दिनों के बाद

उपज

उपज
प्रत्येक फसल की मात्रा
100-120 क्विंटल/एकड़

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