Brinjal

बैंगन

अपेक्षा

अपेक्षित उपज

60 क्विंटल प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 140-150 दिन

अपेक्षित खर्चा (रुपये)
39,166
अपेक्षित लाभ (रुपये)

60,000

जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु
  • बैंगन एक गर्म मौसम की फ़सल है और इसके लिए अधिक गर्मी की आवश्यकता होती है। 
  • यह पाले के प्रति अति संवेदनशील होता है।
तापमान
  • दिन का तापमान 35oC से नीचे हो और रात का तापमान 16oC से ऊपर हो तो उचित माना जाता है।
  • 15oC से नीचे तापमान पौधे के विकास के साथ-साथ फल की गुणवत्ता को विपरीत रूप से प्रभावित करेगा।
  • बैंगन के लिए 13-21oC तहत तापमान उपयुक्त होता है।
  • कम आर्द्रता और उच्च तापमान की वजह से फूलों की भारी गिरावट और खराब फल धारणा हो सकती है।
फसल में पानी की आवश्यकता
  • पानी की आवश्यकता 600-1000 मिमी बारिश के बराबर।
  • यह विशेष रूप से पुष्पन और फल धारणा के दौरान अत्यधिक बारिश का सामना नहीं कर सकता है।
  • अत्यधिक बारिश से पौधे में निष्‍पत्रण, म्लानि रोग और सड़न होती हैै।

मिट्टी

प्रकार
  • अच्छी जल धारण क्षमता वाली रेतीली चिकनी मिट्टी और भारी चिकनी मिट्टी।
  • फसल के लिए अच्छी तरह से सूखी और उपजाऊ मिट्टी बेहतर मानी जाती है।
सामू
  • आवश्यक सीमा – 6.5-7.5
  • यदि सामू < 6.5 है तो चूना डालें।
  • यदि सामू > 7.5 है तो जिप्सम डालें।

रोपाई की सामग्री

मंजिरी (बैंगन)
कालावधी
60-65 दिन
विशेष लक्षण
बैंगनी रंग के अंडाकार फल। हर मौसम की किस्म।
मौसम
खरीफ
उपज
55-70 क्विंटल/एकड़
पूसा हाइब्रिड -5
कालावधी
80-85 दिन
विशेष लक्षण
बिना कांटे वाले, अर्ध खड़ी शाखाएँ प्रत्येक फल लम्बा, चमकदार आकर्षक, अंशतः गहरे बैंगनी रंग के धब्बों वाली डंठल और वजन 100 ग्राम होता है।
मौसम
खरीफ़
उपज
100-110 क्विंटल/एकड़
पंत रितुराज
कालावधी
75-85 दिन
विशेष लक्षण
फल लगभग गोल होते हैं। आकर्षक बैंगनी रंग में , नरम, कम बीज वाले और अच्छे स्वाद वाले होते हैं। यह बेक्टीरियल म्लानि रोग के लिए क्षेत्र प्रतिरोधी होते है।
मौसम
खरीफ़
उपज
130-140 क्विंटल/एकड़

नर्सरी की तैयारी

नर्सरी की तैयारी
  • विधि -1
  • 1 एकड़ क्षेत्र में रोपाई के लिए, 0.1 एकड़ (4 गुंटा) नर्सरी की आवश्यकता होती है
  • 7.2 मी लंबाई X 1.2 मी  चौड़ाई X 10 सेमी ऊंचाई आकार के चार क्यारियाँ तैयार करें।
  • बीज को 5 सेमी पंक्ति में बोएं और मिट्टी से ढक दें।
  • नर्सरी क्यारियों को अंकुरण होने तक प्रतिदिन दो बार और अंकुरण होने के बाद  एक बार पानी दें।
  • प्रत्यारोपण के दस दिन पहले ही अंकुरित पौधों को मजबूत बनाने के लिए नर्सरी क्यारियों को पानी देना कम करें।
  • बीज के अंकुरण के 3 दिनों के बाद, अंकुरित पौधों को आर्द्र गलन रोग से बचाने के लिए, 10 लिटर पानी में रिडोमिल @ 20 ग्राम मिलाकर क्यारियों को भिगोएं।
  • बुवाई के 25 दिनों के बाद 19:19:19 @ 5 ग्राम + थायोमेथोक्साम @ 0.25 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें।
  • विधि -2
  • प्रो ट्रे को कोकोपीट @ 1.2 किलो प्रति ट्रे से भरें। 
  • प्रो ट्रे में उपचारित बीजों को एक बीज प्रति सेल ऐसी बुवाई करनी चाहिए।
  • बीज को कोकोपीट से ढँक दें और ट्रे को एक के ऊपर एक रखें और अंकुरण शुरू होने तक पॉलीथीन शीट से ढँक कर रखें  (बुवाई के 5 दिन बाद)।
  • 6 दिनों के बाद, प्रोट्रे को अंकुरित बीजों के साथ शेड नेट में अलग रखें।
नर्सरी कालावधी
  • 30-35 दिन
  • अंकुरित पौधों की ऊंचाई 15 सेमी और 2-3 असली पत्ते आने के बाद प्रत्यारोपण के लिए तैयार हो जाते हैं।
नर्सरी के लिए औसत बीज
किस्म
1 एकड़ क्षेत्र में प्रत्यारोपण के लिए 160 ग्राम बीज
हाइब्रिड
1 एकड़ क्षेत्र में प्रत्यारोपण के लिए 80 ग्राम बीज

बीज उपचार

  • बीज को इनके साथ उपचारित करें  

               इमिडाक्लोप्रिड- 4 मिली

  • निर्देश – उपरोक्त मात्रा को एक किग्रा बीज के लिए दो लीटर पानी में मिलाएं। बीज को 10 मिनट के लिए घोल में डुबोएं और फिर 15 मिनट तक छाया में सुखाएं।

               कार्बेनडेज़िम- 2 ग्राम

  • निर्देश – उपचारित बीज को फिर 1 किग्रा बीज के लिए 2 ग्राम कार्बेनडेज़िम के साथ उपचारित करें।

खेत की तैयारी(मुख्य खेती )

खेत की तैयारी
  • जुताई विधि – मिट्टी के प्रकार के आधार पर  भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  • खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित विघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें – 

               गोबर खाद – 2 टन 

               कम्पोस्ट बेक्टेरिया – 2 किलो 

  • उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह  बन जाए।
क्यारी की तैयारी
  1. क्यारी की तैयारी- ट्रैक्टर की मदद से मेड़ और कुंड को 2 फीट या 3 फीट तक दूरीपर तैयार करें।

दूरी और पौधों की संख्या

किस्में
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
1.9 फूट
पौधे से पौधा (फूट)
1.9 फूट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
11111
हायब्रिड
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
2.4 फूट
पौधे से पौधा (फूट)
1.9 फूट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
8888

जड़ों को डुबोने की प्रक्रिया

  • समतल बर्तन में 20 ली. पानी लें।
  • 40 ग्राम कार्बेनडेज़िम + 40 मिली इमिडाक्लोप्रिड मिलाएं।
  • प्रत्यारोपण से पहले जड़ों को 5 मिनट के लिए घोल में डुबोएं।
  • प्रो ट्रे वाले पौधों के लिए – प्रो ट्रे को 5 मिनट के लिए कंटेनर में डुबोएं। 

प्रत्यारोपण

  • अंकुरित पौधों को मेड़ पर 60 सेंमी की दूरी पर प्रत्यारोपित करें। 
  • हवा निकालने के लिए जड़ों के आसपासवाली मिट्टी को मजबूती से दबाएं।
  • तेज धूप से बचाव के लिए अंकुरित पौधे का प्रत्यारोपण शाम के समय करना बेहतर होता है।

पोषक तत्व प्रबंधन

  • कुल आवश्यकता: 100:50:30 एन : पी :के किलो/एकड़ 
  • बुवाई के समय लागू करें –

               यूरिया- 109 किलो

               सिंगल सुपर फॉस्फेट – 308 किलो

               म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश- 50 किलो

  • 30 दिनों के बाद –

               यूरिया-54 किलो

  • 45 दिनों के बाद –

              यूरिया-54 किलो 

सिंचाई

  • ड्रिप – एक दिन के अंतराल पर
  • बाढ़ सिंचाई- हफ्ते में दो बार (बारिश पर आधारित)
  • गर्मी के मौसम – 3-4 दिनों के अंतराल पर
  • बैंगन की हर कटाई के बाद एक सिंचाई की जानी चाहिए।

अंतर खेती कार्य

           मिट्टी चढ़ाना- 

  • प्रत्यारोपण के 30 दिनों के बाद (पुष्पन के समय)
  • जड़ों को मिट्टी से ढक दें।

खरपतवार प्रबंधन

प्रत्यारोपण के 3-5 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
अट्राज़ीन (100 ग्राम प्रति एकड़) या पेंडीमेथलीन (300 ग्राम प्रति एकड़)
प्रत्यारोपण के 45 दिनों के बाद
विधि
Spray
शाकनाशी का नाम
2,4-डी (400 ग्राम प्रति एकड़)

वृद्धी नियामक

  • पुष्पन और उपज को बढ़ाने के लिए प्रत्यारोपण के 15 दिनों के बाद ट्राइकॉन्टानॉल @ 1.25 मिली + बोरेक्स 0.3 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें। 
  • फूलों की गिरावट को कम करने के लिए और फल धारणा में वृद्धी होने के लिए 45 और 60 दिनों के बाद नेफ़थलीन एसिटिक एसिड 2 मिली प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें।

किड और रोग प्रबंधन

मृदा जनित रोग
लक्षण
फसल की वृद्धि कम होना, क्षतिग्रस्त जड़ें, पौधों का सुखना
फसल सामग्री मात्रा
ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी
40 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
रोपाई से पहले जड़े मिश्रण में डुबाए।
बैंगन का तना और फल छेदक
लक्षण
फेरोमोन ट्रॅप्स (गंध पाश) कीटकोंको आकर्षित करते हैं।
फसल सामग्री मात्रा
फेरोमोन ट्रॅप्स
5 ट्रॅप्स प्रति एकड़
प्रयोग
खेत मे लगाये।
बैंगन का तना और फल छेदक
लक्षण
तनोपर और फलोंपर कीड़े छेद करते है। कीड़े तनोंमे घुसकर अंदर का भाग खाते है।
फसल सामग्री मात्रा
इमामेक्टिन बेन्झोएट
100 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे।
पत्ति धब्बा
लक्षण
पत्तों पर अनियमित आकर के दाग दिखाई देते हैं। प्रभावित पत्ते झड़ जाते हैं| इस कारण फलों का उत्पन्न कम होता है।
फसल सामग्री मात्रा
मॅंकोझेब
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करेl
बैंगन का बंझा रोग
लक्षण
पत्तोंका विकास कम होता है। फूल भी झाड़ियों की तरह दिखने लगते है। ये रोग मायकोप्लास्मा के कारण होता है और इस रोग का प्रसार कीड़ो की वजय से होता है।
फसल सामग्री मात्रा
डायमेथोएट
200 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करेl
आद्रगलन रोग
लक्षण
पौधे कमजोर हो जाते हैं, आसानी से बाहर निकाले जा सकते हैं और जड़ों पर नुक्सान दिखता है|
फसल सामग्री मात्रा
कॉपर ऑक्सिक्लोराईड
250 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
एकसाथ जड़ोके पास पानी में डालियेl

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
प्रत्यारोपण के 70 से 130 दिनों के बाद
कटाई की संख्या
8 से 10
कटाई अंतराल
5 दिन

उपज

उपज
प्रत्येक फसल की मात्रा
6 क्विंटल प्रति एकड़
कुल फसल की मात्रा
60 क्विंटल प्रति एकड़

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