सोयाबीन की खेती: बीज से उपज तक की सारी जानकारी

Complete information on soybean farming

सोयाबीन की खेती

सोयाबीन की खेती से अपेक्षा

अपेक्षित उपज

10 क्विंटल प्रति एकड़

अपेक्षित अवधि

बुवाई से 90-110 दिन बाद 

अपेक्षित खर्चा (रुपये)

25,298

अपेक्षित लाभ (रुपये)

35,430

सोयाबीन की फसल के लिए जलवायु परिस्थितियाँ

जलवायु

  • सोयाबीन को विभिन्न प्रकार के जलवायु में उगाया जा सकता है।
  • हालांकि फसल को पकने के लिए शुष्क मौसम आवश्यक है।

तापमान

  • अच्छे अंकुरण के लिए मिट्टी का तापमान 15°C से ऊपर और फसल की अच्छी बढ़वार के लिए तापमान 26-30°C होना चाहिए।

फसल में पानी की आवश्यकता

  • सोयाबीन सूखे के लिए मध्यम सहिष्णु फसल है।
  • अंकुरण, फूल और फली-गठन अवस्था के समय उच्च नमी की आवश्यकता महत्वपूर्ण होती है जो 3-4 महीने तक रहती है।
  • पानी की आवश्यकता – 400 मिमी वर्षा के बराबर

सोयाबीन की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

मिट्टी का प्रकार

  • अच्छी जल धारण क्षमता वाली मध्यम से भारी, दोमट मिट्टी।

मिट्टी का सामू

  • आवश्यक सीमा- 6.0-7.5
  • यदि पीएच < 6.0 है तो चूना डालें।
  • यदि पीएच > 7.5 है तो जिप्सम डालें।

सोयाबीन की खेती कब और कैसे करें, क्या उर्वरक डालें,  स्मार्ट टिप्स तथा अनेक जुगाड़, ये सब मिलेंगे आपको भारतअ‍ॅग्री ऍप पर। डाउनलोड करें

सोयाबीन के बीज: बीज उपचार एवं उपचार दवा

  • बीज को उपचारित करे-
  • इमिडाक्लोप्रिड – 4 मिली
  • निर्देश – एक किलो बीज के लिए उपरोक्त मात्रा को दो लीटर पानी में मिलाएं। बीजों को 10 मिनट के लिए घोल में डुबोएं और फिर 15 मिनट तक छाया में सुखाएं।
  • कार्बेन्डाजिम- 2 ग्राम 
  • निर्देश – उपचारित बीज को फिर से कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम से 1 किलो बीज के हिसाब से उपचारित करना है। इसे बीज की सतह पर रगड़कर बीज पर लगाएं।

सोयाबीन के खेत की तैयारी (मुख्य खेती )

खेत की तैयारी

  • जुताई विधि – भूमि की मिट्टी के आधार पर 1 या 2 बार जुताई करें।
  • निम्नलिखित को खेत में मिलाएं, और उचित सड़न के लिए इसे 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें –
  • गोबर खाद – 2 टन
  • खाद बैक्टीरिया – 3 किलो
  • उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर फैलाएँ और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ, जिससे मिट्टी एक महीने में बोने योग्य बन जाए।

क्यारी की तैयारी

  • ट्रैक्टर की मदद से सुविधाजनक लंबाई के साथ 45 सेमी चौड़ाई मेड तैयार करें।

सोयाबीन की खेती में पौधों की संख्या और दूरी

किस्में
पंक्ति से पंक्ति (फूट)
1.4 फुट
पौधे से पौधा (फूट)
0.3 फुट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
104,761

सोयाबीन की बुवाई का समय और तरीका

  • बुवाई का समय: जून का पहला सप्ताह
  • लकीरों पर बीजों को 4 सेमी की गहराई पर बोयें और प्रति छेद 2 बीज डालें।

पाएं अपने खेत के अनुसार सोयाबीन की खेती करने के स्मार्ट दिशा निर्देश भारतअ‍ॅग्री ऍप पर। आज ही डाउनलोड करें। 

सोयाबीन की खेती में खाद (पोषक तत्व प्रबंधन)

  • कुल पोषक तत्व की आवश्यकता: 50:75:45 किलो एन:पी:के/एकड़
  • बुवाई के समय (प्रति एकड़)-
  • यूरिया- 110 किलो
  • सिंगल सुपर फॉस्फेट- 460 किलो
  • बुवाई के 30 दिन बाद –
  • म्यूरेट ऑफ़ पोटाश- 75 किलो

सोयाबीन की खेती की सिंचाई

  • बाढ़ सिंचाई- 10 दिनों में एक बार

अंतर खेती कार्य

सोयाबीन की खेती में खरपतवार प्रबंधन

प्रत्यारोपण के 3 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
एट्राज़िन या पेंडीमिथालिन
शाकनाशी मात्रा
100 ग्राम/एकड़
प्रत्यारोपण के 21 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
इमाझेथापिर
शाकनाशी मात्रा
400 ग्राम/ एकड़

इंटरकल्चरल ऑपरेशन-

थिनिंग और गैप फिलिंग

  • बुवाई के 12-15 दिन बाद
    1. विरलन: यदि दो बीज बोए गए थे, तो प्रति छेद केवल एक स्वस्थ और जोरदार अंकुर छोड़ दें और दूसरे को हटा दें।
    2. गैप फिलिंग: जहाँ अंकुरन नहीं हुए हैं, पूर्व-भिगोए हुए बीजों को 2 बीजों प्रति छेद की दर से बुवाई करें और तुरंत सिंचाई करें।
  • मिटटी से ढंकना: बुवाई के 25-30 दिनों के बाद मेढोंको को लकीरों में बदलें।

विकास नियामक

  • फूलन से पहले एक बार नॅपथॅलीक ऍसिटिक ऍसिड 40 मिग्रॅ. + सॅलिसिलिक एसिड 100 मिग्रॅ प्रति लिटर पाणी का छिड़काव करें और उसके 15 दिन बाद दूसरा छिड़काव करें।
पाएं सोयाबीन की खेती के बारे में सारी जानकारी सीधे अपने स्मार्टफोन पर। डाउनलोड करें भारतअ‍ॅग्री ऍप

सोयाबीन की खेती में किड और रोग प्रबंधन

Remedy of aphid attacks in soybean farming
सोयाबीन मोसॅक व्हायरस (व्हेक्टर - ऍफिडस् )
लक्षण
• पत्तों पर कम या ज्यादा गहरे हरे रंग के पैचेस नजर आते है। • ये लक्षण छोटे पत्तोंपर जल्द फैल जाते है। • जिन पत्तोंपर संसर्ग हुआ हे वो कोने से फट जाते हे और निचे की तरफ मुडते है
फसलं निविष्ट प्रमाण
डायमेथोएट
200 मिलि प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
Soybean pod borer pest in soybean farming
सोयाबीन पॉड बोरर
लक्षण
● सोयाबीन फली छेदक ⎯ छोटे कीड़े युवा पत्तियों के पर्णहरिमा को खाते है और इसे कंकाल करता है। बाद में वे फूलों और फली पर भोजन करते हैं। ● स्टेम फ्लाई - अली तानोंके के कॉर्टिकल परतों पर खाया करते हैं, मुख्य जड़ तक फैल सकते हैं, पौधे को मारते हैं। ● गर्डल बीटल- तानोंके के अंदर अली द्वारा खाया जाता है और तानो के अंदर एक सुरंग सा निर्माण होता है
फसलं निविष्ट प्रमाण
लेम्बडा- सायहॅलोथ्रीन
200 मिलि प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
Soybean rust - Symptoms and prevention
सोयाबीन रस्ट
लक्षण
• सोयाबीन रस्ट- पत्तोंके नीचेवाली बाजु पर लाल या बरगंडी रंग के दाग नजर आते है। ये दाग थोड़े समय बाद पौधेके दूसरे हिस्सोंपर भी नजर आते है। • अन्थ्रोनोस- फल्ली और आदि हिस्सोंपर दाग नजर आते है। • दोउनि मिल्ड्यू - पत्तोंके ऊपरी हिस्सेपे फीके हरे रंग के छोटे दाग नजर आते है। ये दाग बड़े होकर पिले रंग के नजर आते है।
फसलं निविष्ट प्रमाण
हेक्साकोनॅझोल
200 मिलि प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
prevention and cure of powdery mildew disease in soybean farming
सफ़ेद चूर्णी रोग
लक्षण
• संक्रमित पत्तियों में सफ़ेद से लेकर हल्के भूरे, चूर्णयुक्त दाग होते हैं • ये दाग कई पत्तियों की सतहों पर बडते है और उन्हें कवर कर सकते हैं एक पौधे में।
फसलं निविष्ट प्रमाण
सल्फर
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
Prevention of thrips in soybean farming
रसशोषक किडी
लक्षण
पत्तिया मुड़ जाती है, पौधे में पीलापन होता है।
फसलं निविष्ट प्रमाण
थायोमीथाक्साम
100 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे
Anthracnose disease of soybean and its cure
अँथ्रॅक्नोज
लक्षण
वयस्क अली फलों को छेद करते हैं और त्वचा के नीचे अंडे देते हैं। फलों के गूदे पर अली खाने से फल सड़ जाते हैं। यह रोग छोटे-छोटे गोलाकार धब्बों के रूप में दिखाई देता है जो फलों और पत्तियों पर बड़े अण्डाकार स्थान से होते हैं।कई धब्बों वाले फल समय से पहले ही गिर जाते हैं जिससे भारी उपज की हानि होती है।
फसलं निविष्ट प्रमाण
कॉपर ऑक्सिक्लोराईड
200 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके फवारणी करे

सोयाबीन की कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
बुवाई के 90-110 दिनों के बाद।

सोयाबीन की उपज

उपज
कुल फसल की मात्रा
40 - 50 quintal/acre

सोयाबीन फसल की भूसी निकालना

थ्रेशिंग या तो मैकेनिकल सोयाबीन थ्रेशर या कुछ पारंपरिक तरीकों से किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *