मृदा में जैविक पदार्थ का संरक्षण करने के लिए 11 स्मार्ट टिप्स

मृदा में जैविक पदार्थ का संरक्षण

नमस्ते किसान भाइयों और बहनों 🙏🏼

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🙏 नमस्ते किसान भाइयों और बहनों, हम आए दिन आपको खेती से जुड़े कुछ स्मार्ट टिप्स देते रहते है। अब हम आपको मृदा में जैविक पदार्थ का संरक्षण करने का बेहद आसान तरीका बताने जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कैसे करें मृदा में जैविक पदार्थ का संरक्षण…

  1. फसल के चक्रण में अनाज की फसलें लगानी चाहिए।
  2. जैविक खाद को हर साल मृदा में मिलाया जाना चाहिए, फसल को अंतिम रूप देने से पहले इसकी सिफारिश की जानी चाहिए।
    डेढ़ महीने बाद खारी मृदा में ढेंचा या गांजा बोएं। या इसे इंटरप्रॉप के रूप में लें और बाद में दफन कर दें।
  3. खड़ी फसल में नीम के पाउडर का प्रयोग करना चाहिए।
  4. फसल अवशेषों को गीली घास के रूप में प्रयोग करें।
  5. दोमट मृदा में कार्बनिक और रासायनिक मृदा सुधारक (जैसे दबाया हुआ, जिप्सम) का उपयोग किया जाना चाहिए।
  6. चूने का उपयोग एसिड मृदा में किया जाना चाहिए।
  7. कम से कम जुताई करें।
  8. मृदा का कटाव कम करें।
  9. जैव उर्वरकों का उपयोग बीजोपचार द्वारा अधिक किया जाना चाहिए और गोबर में मिलाया जाना चाहिए।
  10. सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से जल और उर्वरक की योजना बनाई जानी चाहिए।

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