यह 6 उपाय अपनाएं और कपास की गुलाबी इल्ली से छुटकारा पाएं

कपास की गुलाबी इल्ली नियंत्रण

नमस्ते किसान भाइयों और बहनों 🙏🏼

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👷‍♂ प्रिय किसान भाइयों और बहनों, गुलाबी इल्ली का नियंत्रण करने के लिए नीचे दिए गए उपायों को अपनाएं। कपास की गुलाबी इल्ली से छुटकारा पाएं।

  1. खेत को स्वच्छ बनाए रखें। गुलाबी इल्ली का लार्वा सूखे या पूरी तरह से नहीं खुले डेंडुओं में और सिकुड़ी पत्तियों में छिप कर रहती हैं। इसलिए मुरझाए हुए पौधे और सूखे या पूरी तरह से नहीं खुले हुए डेंडुओं को नष्ट करें।
  2. नियमित रूप से गहरी जुताई करने से गुलाबी इल्ली के कृमिकोष और लार्वा का नियंत्रण करने में मदद मिलती है।
  3. गुलाबी इल्ली के प्रकोप से ग्रस्त कपास के बीजों की जिनिंग करने के बाद नष्ट कर दें क्योंकि ऐसे बीजों में गुलाबी इल्लियां छिपकर बैठी रहती हैं।
  4. गुलाबी इल्ली के प्रकोप से ग्रस्त खेत को रोटावेटर से नहीं जोतना चाहिए, क्योंकि गुलाबी इल्ली के कोष फिर से जमीन में चले जाते हैं।
  5. कपास के बीजों के पैकेट में मिले 120 ग्राम नॉन बीटी के बीजों को लगाये।
  6. आर्थिक नुकसान का यह स्तर पता चलने पर निम्न कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें-
      • पहला छिड़काव – साइपरमेथ्रिन 1 मिली/या क्विनालफॉस (25 ईसी) या प्रोफेनोफॉस
      • दूसरा छिड़काव – थायोडिकार्ब (75 डब्ल्यूपी) 1.5-2 ग्राम/ली. (जरूरत लगने पर)
      • तीसरा छिड़काव – इमामेक्टिन बेंजोएट (5 ईसी) 0.4 ग्राम/ली. (जरूरत लगने पर)

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