अदरक की खेती: आधुनिक विधि से प्रति एकर ज़्यादा उपज लें

How to do ginger farming

अदरक

अदरक की खेती से अपेक्षा

खेती से अपेक्षित उपज

60-80 क्विंटल प्रति एकड़

अदरक की फसल की अपेक्षित अवधि

बुवाई से 250-260 दिन बाद

खेती में अपेक्षित खर्चा (रुपये)

60,000

अपेक्षित लाभ (रुपये)

2,10,000

फसल के लिए जलवायु परिस्थितिया

जलवायु

  • अदरक की खेती गर्म तथा आर्द्रता वाले स्थानों में की जाती है।
  • प्रकंद विकास के दौरान ठंडी और शुष्क जलवायु सबसे अच्छी होती है।

तापमान

  • अदरक के लिए इष्टतम तापमान 19-28℃ है।

अदरक की फसल में पानी की आवश्यकता

  • 1000 से 1200 मिलीमीटर, वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में इसकी खेती से अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती हैं।

अदरक की खेती के लिए उचित मिट्टी

मिट्टी का प्रकार

  • अदरक की खेती अच्छे जल निकास वाली रेतीली और बलुई दोमट मृदा जिसमें अधिक मात्रा में जीवाशं या कार्बनिक पदार्थ की मात्रा हो वो सबसे ज्यादा उपयुक्त रहती है। 
  • अदरक जल भराव जमीन के लिए बहुत संवेदनशील है।

मिट्टी का सामू

  • आवश्यक पी एच मान- 6.0-6.5
  • क्षारीय मिट्टी में फसल अच्छी तरह से नहीं उगती है।
  • यदि पीएच 6.0 से कम है तो चूना डालें।
  • यदि पीएच 6.5 से ज़्यादा है तो जिप्सम डालें।
अदरक की खेती कब और कैसे करें, क्या उर्वरक डालें,  स्मार्ट टिप्स तथा अनेक जुगाड़, ये सब मिलेंगे आपको भारतअ‍ॅग्री ऍप पर। डाउनलोड करें

रोपाई की सामग्री: अदरक की उन्नत किस्में और उनकी विशेषता

आय.आय एस.आर.- वरदा
कालावधी
200 दिन
विशेष लक्षण
अच्छी गुणवत्ता, अधिक उपज देने वाली किस्म।भण्डारण के समय सूखे अदरक को कीट से नुकसान की कम संभावना होती है।
उपज
88
आय एस.आर.- महिमा
कालावधी
200 दिन
विशेष लक्षण
उत्तम रेशा के साथ बड़ी प्रकंद। सूत्रकृमि के लिए प्रतिरोधी।
उपज
89
आय.आय एस.आर.- रीजाथा
कालावधी
200 दिन
विशेष लक्षण
ज्यादा गड्ढों के साथ गोल और बड़ी प्रकंद।
उपज
8

नर्सरी की तैयारी

बुवाई के लिए औसत बीज
किस्म
600-700 किलो/एकड़

अदरक की खेती में बीज उपचार

  • मैंकोजेब 3 मिली + डाइमेथोएट 2 मिली एक लीटर पानी में मिलाकर बीजों को उपचारित करें।
  • 800 किलो बीज के लिए बड़े कंटेनर में 200 लीटर पानी लें।
  • बीजों को 15-20 मिनट के लिए घोल में डुबोएं।
  • बीज उपचार करने के बाद, बीजों को 3-4 घंटे के लिए छाया में सुखाएं।

खेत की तैयारी(मुख्य खेती )

अदरक के खेत की तैयारी

  • जुताई की विधि- मिट्टी के प्रकार के आधार पर भूमि की 1 या 2 बार जुताई करें।
  • खेत में निम्नलिखित चीजें मिलाएं, और इसे उचित अपघटन के लिए 10 दिनों के लिए खुली हवा में रखें –

               गोबर खाद- 4 टन

              कम्पोस्टिंग बैक्ट्रिया- 3 किलो

  • उपरोक्त मिश्रण को मिट्टी के ऊपर बिखेरें और रोटावेटर को पूरे खेत में चलाएँ जिससे मिट्टी की एक अच्छी सतह बन जाए।

क्यारी की तैयारी

  • क्यारियोंकी तैयारी- बेड के बीच 50 सेमी अंतर के साथ 1 मीटर चौड़ाई, 30 सेमी की ऊंचाई वाली फ्लैट क्यारियाँ तैयार करें।
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अदरक के पौधों की संख्या और दूरी

किस्में
पंक्ति से पंक्ति
0.8 फीट
पौधे से पौधा
0.6 फीट
पौधों की संख्या (प्रति एकड़)
91,666

बुवाई: अदरक बुवाई का सही समय और विधि

  • बुवाई का समय: मई का पहला सप्ताह (वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए)
  • फरवरी से मार्च का दूसरा सप्ताह (सिंचित क्षेत्रों के लिए)
  • बुवाई की विधि- 0.6 फीट की दूरी पर समतल क्यारियों पर छोटे गड्ढे तैयार करें और 4-5 सेमी की गहराई पर गड्ढों में बीज प्रकंद लगाएं। फिर मिट्टी से ढक दें।

अदरक की खेती में पोषक तत्व प्रबंधन

  • 48:30:30 एन:पी:के किलो प्रति एकड़।
  • बुवाई के समय (प्रति एकड़)-

               सिंगल सुपर फॉस्फेट- 185 किलो

               म्यूरेट ऑफ़ पोटॅश- 50 किलो

  • बुवाई के 45 दिन के बाद-

              यूरिया- 35 किलो 

  • बुवाई के 75 दिन के बाद-

               यूरिया- 35 किलो

  • बुवाई के 105 दिन के बाद-

              यूरिया- 35 किलो

सिंचाई की विधि

  • सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण चरण हैं-
    1. अंकुरण के दौरान
    2. प्रकंद तैयार होने का अवधि (रोपण के 90 दिन बाद)
    3. प्रकंद विकास अवधि (रोपण के बाद 135 दिन)।
  • बाढ़ सिंचाई – 7 से 10 दिनों के अंतराल पर (वर्षा पर आधारित)
  • ड्रिप सिंचाई- एक दिन के अंतराल 

अदरक की खेती में अंतर खेती कार्य

इंटरकल्चरल ऑपरेशन

  • गैप फिलिंग- बुआई के २० दिनों बाद बीजों को गैप में डालें जहां अंकुरण नही हुआ है।
  • मल्चिंग– बुआई के तुरंत बाद सूखी पत्तिया 4.5 टन/एकड़ के साथ मल्चिंग करे। बुआई के बाद दो बार, 50 और 100 दिन में फिर से दोहराए।
  • मिट्टी चढ़ानाकंद मिट्टी से  ढकते हे। पहला बुआई के 45 दिन बाद और दूसरा 90 दिनों के बाद किया जाता है।
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अदरक की फसल में खरपतवार प्रबंधन

  • *(सभी शकनाशी चायनात्मक है, उल्लेखित चरण में छिडकावं किया जा सकता है) 
  • नोट – बेहतर परिणाम के लिये सभी शकनाशी में स्टिकर मिलाये
बुवाई के 3 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
एट्राज़िन 50 डब्ल्यू पी
शाकनाशी मात्रा
200 ग्राम प्रति एकड़
बुवाई के 30 दिनों के बाद
विधि
छिड़काव
शाकनाशी का नाम
ऑक्सिफ्लूरोफेन
शाकनाशी मात्रा
100 ग्राम प्रति एकड़

अदरक की फसल में किड और रोग प्रबंधन

leaf roller pest in turmeric
पत्ते मरोडनेवाले कीड़े
लक्षण
कीड़े पत्ते खाते हे , इस कारन पत्ते मरोड़ता हैं।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
लेम्बडा- सायहॅलोथ्रीन
200 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करे।
अदरक मे रायझोम स्केल
रायझोम स्केल
लक्षण
प्रकन्द सुख जाते है और निर्जलीकृत हो जाता है इसके कारण अंकुरण प्रभावित होता है।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
डायमेथोएट
250 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करे।
Ginger shoot borer
शूट बोरर
लक्षण
छद्म तने पर एक छेद की उपस्थिति जिसके माध्यम से कीटमल को बाहर निकाला जाता है।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
नीम तेल
600 मिली प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करे।
seed borne diseases of ginger
बीज से होनेवाले रोग
लक्षण
पौधे देरी से उगते हे या फिर उगते ही नहीं।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
कार्बेन्डाझिम
400 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
बीजप्रक्रिया
White grub pest
हुमणी
लक्षण
पौधे देरी से उगते हे या फिर उगते ही नहीं।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
कार्बोफ्युरान
5 किलो प्रति एकड़
प्रयोग
मिक्स करके मिट्टी के उपर डालीये।
leaf spot disease in ginger farming
पत्ति धब्बा
लक्षण
पौधे देरी से उगते हे या फिर उगते ही नहीं।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
कॉपर ऑक्सिक्लोराईड
500 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करके छिड़काव करे।
जीवाणुजन्य म्लानि रोग
लक्षण
पौधे देरी से उगते हे या फिर उगते ही नहीं।
फसल प्रविष्ट प्रमाण
स्ट्रेप्टोसायक्लीन
0.5
प्रयोग
प्रति किलो बिजो के हिसाब से मिश्रण करे
rhizome rot disease
प्रकन्द सड़ना रोग
लक्षण
प्रकन्द सड जाते हे
फसल प्रविष्ट प्रमाण
सुडोमोनास फ्लुरोसन्स
5 किलो प्रति एकड़
प्रयोग
पानी में मिक्स करें और ड्रिप के माध्यम से डालें।

कटाई

कटाई की कालावधी
कटाई की कालावधी
बुआई के 250-260 दिनों बाद (किस्में पर निर्भर करता है)

अदरक की उपज

उपज
कुल फसल की मात्रा
60-80 क्विंटल प्रति एकड़

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